“यूपी सरकार तुरंत वेतन बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी करे” – सीटू
“यूपी सरकार तुरंत वेतन बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी करे” – सीटू

नोएडा/गुरुग्राम में वेतन बढ़ोतरी के लिए मजदूरों का आंदोलन तेज, सीटू नेताओं की गिरफ्तारी पर कड़ी निंदा सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) गौतमबुद्ध नगर कमेटी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि मजदूरों के न्यूनतम वेतन को तत्काल प्रभाव से ₹26,000 प्रतिमाह घोषित करते हुए अधिसूचना जारी की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने वेतन बढ़ोतरी पर तत्काल निर्णय नहीं लिया तो औद्योगिक क्षेत्रों में श्रम अशांति बढ़ेगी और सीटू प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगा।
प्रमुख बिंदु:।
1. नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा: नोएडा, गुरुग्राम और मानेसर में वेतन बढ़ोतरी को लेकर चल रहे मजदूर आंदोलनों की आंच नोएडा तक पहुंच गई है। 9 अप्रैल को रिचा एक्सपोर्ट कंपनी, होजरी कॉम्प्लेक्स फेज-2, नोएडा के कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। आंदोलनकारी मजदूरों के बीच पहुंचने से रोकने के लिए नोएडा पुलिस ने रात 2:00 बजे से ही सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा को हाउस अरेस्ट कर लिया। वहीं जिला महासचिव रामस्वारथ को थाना फेस-1 पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस चौकी झुंडपुरा में बैठा रखा है। सीटू ने इस दमनकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए दोनों नेताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की है। 2. हरियाणा में लाठीचार्ज की भर्त्सना: गुरुग्राम, हरियाणा में पिछले कई दिनों से वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण हड़ताल कर रहे मजदूरों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की सीटू ने कड़े शब्दों में निंदा की है। 3. मजदूरों की दयनीय स्थिति: सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि महंगाई चरम पर है। 80-90 रुपये किलो मिलने वाली गैस आज 400-500 रुपये तक पहुंच गई है। खाने-पीने की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में मजदूरों का न्यूनतम वेतन मात्र ₹11,000 है। ठेका मजदूरों को तो यह भी नहीं मिलता। 12-12 घंटे ड्यूटी के बाद मुश्किल से ₹10,000-₹12,000 मिलते हैं। ठेका श्रमिक न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, सुरक्षा और स्थायीकरण जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ₹11,000 में परिवार की जीविका चलाना असंभव हो गया है।
सीटू की प्रमुख मांगें:।
• न्यूनतम वेतन तत्काल ₹26,000 प्रतिमाह घोषित कर अधिसूचना जारी की जाए। • सभी मजदूरों को सरकारी दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। • ओवरटाइम का दोगुना भुगतान सुनिश्चित किया जाए। • सभी श्रमिकों को ईएसआई, पीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए। • ठेका प्रथा पर रोक लगाकर श्रमिकों का स्थायीकरण किया जाए। • गिरफ्तार सीटू नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए और आंदोलनकारी मजदूरों पर दमन बंद हो। सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा, “अगर सरकार मजदूरों के वेतन में सम्मानजनक बढ़ोतरी नहीं करती है तो औद्योगिक क्षेत्रों में श्रम अशांति तय है। सीटू मजदूरों के हक के लिए सड़क से संसद तक बड़ा आंदोलन करेगा।”
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