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ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में संचालित अवैध पीजी पर कार्रवाई की मांग, प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन को सौंपा ज्ञापन।

ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में संचालित अवैध पीजी पर कार्रवाई की मांग, प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन को सौंपा ज्ञापन।

ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन मंच ने ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1, अल्फा-2 सहित अन्य रिहायशी सेक्टरों में संचालित अवैध पीजी पेइंग गेस्ट के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम डीजीएम विजय रावल को ज्ञापन सौंपा। साथ ही पुलिस उपायुक्त को भी ज्ञापन के माध्यम से मामले से अवगत कराया गया।भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के विभिन्न रिहायशी सेक्टरों में बड़ी संख्या में पीजी संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई पीजी में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक प्राधिकरण की अनुमति, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे स्थानीय सेक्टरवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। देर रात हंगामा, अवांछित गतिविधियों तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।उन्होंने कहा कि पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राओं के साथ भी कई बार आर्थिक और मानसिक शोषण की शिकायतें सामने आती हैं। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने के साथ ही पीजी संचालकों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के मामले भी गंभीर चिंता का विषय हैं। विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया ने बताया कि 22 अक्टूबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 स्थित द कॉर्नर हाउस पीजी में एक गंभीर मामला सामने आया। आरोप है कि पीजी संचालक दीपक भड़ाना, निवासी गांव मुरादपुर, जनपद अमरोहा, ने खराब भोजन और गंदगी की शिकायत करने पर बिजनौर निवासी छात्र दिव्यांश शर्मा को बंधक बना लिया। छात्र ने किसी तरह भारतीय किसान यूनियन मंच के कार्यकर्ताओं को सूचना दी। सूचना मिलते ही संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नजदीकी पुलिस चौकी की सहायता से छात्र को मुक्त कराया गया। इस संबंध में छात्र द्वारा बीटा थाने में तहरीर दिए जाने की जानकारी भी दी गई है।भारतीय किसान यूनियन मंच का कहना है कि विद्यार्थियों के साथ होने वाले ऐसे कथित दुर्व्यवहार के मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने यह भी चिंता जताई कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसलिए पीजी भवनों में अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित निकास, भवन की उपयुक्तता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच कराना बेहद जरूरी है।

भारतीय किसान यूनियन मंच की प्रमुख मांगें हैं:।

1. ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1, अल्फा-2 सहित सभी रिहायशी सेक्टरों में संचालित पीजी का सर्वे कराकर उनकी वैधता की जांच की जाए।2. आवश्यक अनुमति के बिना संचालित पीजी को चिह्नित कर प्राधिकरण के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।3. सभी पीजी में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा और अन्य आवश्यक मानकों की जांच सुनिश्चित की जाए।4. छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार, आर्थिक शोषण या अवैध रूप से रोकने जैसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।5. विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।संगठन ने प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन से मांग की कि इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मास्टर मनमिंदर भाटी ने चेतावनी दी कि यदि प्राधिकरण स्तर से उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन मंच प्रभावित विद्यार्थियों को साथ लेकर प्राधिकरण के मुख्य कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। ऐसी स्थिति की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।इस अवसर पर सचिन भाटी, अजब सिंह भाटी, सोबी भाटी, आयुष शर्मा, डॉ. मोहसिन, विकास प्रधान, ओम प्रकाश, सोनू भाटी, अनिल सहजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

 

 

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